वानस्पतिक नाम: Acacia concinna

शिकाकाई एक पारंपरिक भारतीय जड़ी बूटी है। शिकाकाई का उपयोग मूलरूप से बालों तथा त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता है। अधिकांशतः बालों और त्वचा की देखभाल में उपयोग की जाने वाली जड़ी-बूटियाँ हर किसी के लिए अच्छी होती हैं। आयुर्वेद में शिकाकाई के कई लाभ उल्लिखित हैं।
शिकाकाई एक बहुत बढ़िया प्राकृतिक कंडीशनर है। इसके उपयोग से बालों में चमक आती है और बाल मुलायम तथा सिल्की हो जाते हैं। शिकाकाई का अच्छा परिणाम पाने के लिए केमिकल शैम्पू और कंडीशनर का उपयोग नहीं करना चाहिए। किसी हर्बल शैम्पू के साथ भी शिकाकाई का उपयोग कर सकते हैं।
उपयोग करने के तरीके
बालों के लिए
- शिकाकाई, आँवला, रीठा एवं ब्राह्मी बराबर वज़न में लेकर कूट कर मिला लें। लोहे की कढ़ाई में थोड़ा सा पानी गर्म करके २ बड़े चम्मच (टेबल स्पून) इस चूर्ण के मिला दें। अब इसमें १ छोटा चम्मच (टी स्पून) मेथी दाना डालकर अच्छे से चलाएं और कढ़ाई उतारकर ढक कर रख दें। अगले दिन इस पानी को छान कर इससे बालों को धोएं।
इस विधि का प्रयोग सप्ताह में ३ बार करने से बाल लम्बे, घने तथा काले बने रहते हैं। - शिकाकाई पाउडर – १ बड़े चम्मच
रीठा पाउडर – २ बड़े चम्मच
आँवला पाउडर – २ बड़े चम्मच
दही – २ बड़े चम्मच
और थोड़ा पानी मिलकर एक कम गाढ़ा पेस्ट बनाकर तैयार कर लें और उसको एक घंटे के लिए छोड़ दें। फिर उसे अपने बालों की जड़ों में हलके हाथो से मसाज़ करते हुए लगाएं। अब जड़ों से सिरों तक हलके हाथ से लगाएं। आधा घंटे बाद अपने बालों को हल्के गुनगुने या सादा पानी से धोलें। अत्यधिक ठंडे पानी का उपयोग नहीं करना है। शिकाकाई के नियमित प्रयोग के बालों में रूसी (डैंड्रफ) की समस्या में भी आराम मिलता है।